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जिस चौपाल पर रखा गया था सपना, वहीं से खड़ा हुआ शिक्षा का वट वृक्ष — सतपाल जागलान

जिस चौपाल पर रखा गया था सपना, वहीं से खड़ा हुआ शिक्षा का वट वृक्ष — सतपाल जागलान

बेलरखा स्थित जनता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 40वें स्थापना दिवस के अवसर पर हवन-पूजन का आयोजन श्रद्धा, अनुशासन एवं सकारात्मक वातावरण में किया गया। इस पावन अवसर पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, विद्यार्थियों ने सहभागिता की। हवन के माध्यम से विद्यालय की उन्नति, विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं समाज के कल्याण की मंगलकामना की गई।
विद्यालय के संस्थापक सतपाल जागलान ने अपने उद्बोधन में बताया कि विद्यालय की नींव 1 जनवरी 1987 को बेलरखा की चौपाल में रखी गई थी। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों से आरंभ हुआ यह शैक्षणिक संस्थान आज शिक्षा रूपी एक विशाल वट वृक्ष बन चुका है, जो पिछले 40 वर्षों से क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को ज्ञान, संस्कार एवं अनुशासन प्रदान कर रहा है।FB IMG 1767265379577 FB IMG 1767265375350

विद्यालय के संस्थापक सतपाल जागलान ने विद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि जनता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ने बोर्ड परीक्षाओं में निरंतर उत्कृष्ट परिणाम देकर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। विद्यालय से शिक्षित अनेक विद्यार्थी आज शिक्षा, प्रशासन, सेना, पुलिस, खेल, तकनीकी एवं सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाएँ दे रहे हैं। विद्यालय में खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक जागरूकता अभियान, नैतिक शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता रहा है।
इस अवसर पर विद्यालय के एम.डी. प्रदीप गोयत ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि वह विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, आत्मनिर्भरता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का माध्यम बननी चाहिए। उन्होंने बताया कि विद्यालय आधुनिक शिक्षा पद्धतियों, तकनीकी संसाधनों एवं नवाचार को अपनाकर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या सुनीता मोर के नेतृत्व में शिक्षकगण ने सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए समीपवर्ती ईंटों के भट्ठे पर जाकर वहाँ कार्यरत जरूरतमंद परिवारों को गर्म कपड़े एवं खाद्य सामग्री वितरित की। इस सेवा कार्य के माध्यम से विद्यालय ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जन नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, सेवा और करुणा का विकास भी है।
स्थापना दिवस पर विद्यालय परिवार ने यह संकल्प लिया कि आने वाले वर्षों में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को और अधिक सशक्त किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी संस्कारयुक्त, अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र, समाज एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाओं के साथ किया गया

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